गुरुवार, 2 जुलाई 2026

चलो एक बार फिर...

चलो, एक बार फ़िर कोशिश करते हैं


हिम्मत हार कर क्यों उदास बैठना 

चलो, एक बार फ़िर कोशिश करें, 


थक कर हार मान लेना सही नहीं

चलो, फ़िर आसमान में उड़ान भरें, 


छिप कर आँसू बहाने से कुछ न होगा

आँसू पोंछ कर, आओ नई राह चलें, 


हम तुम जब साथ हैं तो डरना कैसा

आलस उतार, चलो नई ताज़गी भरें, 


किसका इंतज़ार है, कोई न आयेगा

डरना छोड़ो, आओ नई दिशा चलें, 


काँटों की परवाह क्यों, कुछ न होगा

पत्थरों को रौंद, नया सफ़र तय करें।


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