रविवार, 12 जुलाई 2026

आस

कैसे कह दूँ ज़माने से कि आज भी तुमसे प्यार नहीं है, 

इन आँखों को बेसब्री से अब भी तुम्हारा इंतज़ार नहीं है, 


सात जन्मों के लिए बँधी तुमसे, ये बंधन हमेशा रहेगा

तुम्हारा प्यार मेरे साथ, हमेशा सात जन्मों संग रहेगा, 


अब तुम पास नहीं, ये जन्म मिलन अपना हो न सकेगा

आत्मा से कभी अलग नहीं, अनुराग यूँ न छूट सकेगा, 


तुम्हारी निशानी, अंश तुम्हारा, बाल रूप सदा मेरे पास

फ़िर क्यों न तुम्हें तड़पो, जान ओ जिगर तुम्हारा मेरे पास, 


तुम बिन हर रौनक उदास, सारी रोशनी फ़ीकी लगती हैं

कभी कभी, कहीं दूर, एक उम्मीद कुछ जागी लगती है, 


दिख जाओ तुम कहीं, तुम्हारे आने की सूरत दिखाई दे

बस इक झलक, किरण कहीं कोई, अँधेरे में दिखाई दे, 


हर जनम का संग हमारा, यूँ मिलन अधूरा क्यों बाक़ी रहे

हम साथ निभाते एक दूजे का, नामोनिशां हमारा बाक़ी रहे, 


अपनी चाहतों का घरौंदा, प्यार से एक बार फ़िर बनाएंगे

खुले आसमाँ के नीचे, सारी रस्में एक बार फ़िर निभायेंगे, 


सुख हो या दुःख की हों हवाएं, मिलकर हम सामना करेंगे

घबराना नहीं तुम हाथ थामे रखना, मुश्क़िलें हम दूर करेंगे, 


ये जन्म साथ इतना ही, बहुत कम मुश्क़िलों से भरा रहा

मग़र जितना भी रहा, बहुत प्यारा, मोहब्बत से भरा रहा, 


अगले जन्म प्यार की उम्र थोड़ी ज़्यादा लिखवा कर लाना

कहानी अपनी चाहतों की खत्म न हो, लिखवा कर लाना।


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